संदेश

ज़िन्दगी की सीढ़ियों पे इक ऐसा मुकाम भी है,

समझौतों की भीड़ -भाड़ में सबसे रिश्ता टूट गया

गेसू-ए-शाम में एक सितारा एक ख़याल

क्या लिखूँ ......?

सामने उसके कभी उसकी सताइश नहीं की।

हुस्न पर जब कभी शबाब आया

कोई समझाए ये क्या रंग है मैख़ाने का

सोचा नहीं अच्छा बुरा, देखा सुना कुछ भी नहीं

दर्द बढ़ कर

kisi ke khatir

Love

ज्ञान का महत्व

एक सूफी कहानी

एक शिक्षाप्रद लघु दृष्टांत।

🌷🌸🌷 स्त्री का गुण 🌷🌸🌷

परमात्मा की परख

ऐसा मित्र कहाँ से लाऊ

कहाँ आ के रुकने थे रास्ते